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| Loneliness is vast and scary |
इसी दोराहे पर
अब ना इन ऊँचे मकानों में कदम रखूँगा
मैने इक बार ये पहले भी कसम खायी थी
अपनी नादार मोहब्बतों की शिकस्तो की तुफैल
ज़िन्दगी पहले भी शरमाई थी, झुन्झुलाई थी
और ये अहद किया था बा-इन-हाले-तबाह
अब कभी प्यार भरे गीत नहीं गाऊंगा
फिर तेरे कांपते होठो की फुसंकर हस्सी
जाल बुनने लगी,बुनती ही रही
तेरी चुप चाप निगाहों को सुलगता पाकर
मेरी बेज़ार तबियत को भी प्यार आ ही गया
अपनी बदली हुई नजरो के तकाज़े न छुपा
मैं इस अंदाज़ का मफहूम समझ सकता हु
तेरे ज़र्कार दरीचों की बुलंदी की कसम
अपने अकदाम का मकसूम समझ सकता हु
अब न इन ऊँचे मकानों में कदम रखूंगा
मैने इक बार ये पहले भी कसम खायी थी
इसी सरमाया-ओ-इफ़्लास के दुराहे पर
ज़िन्दगी पहले भी शरमाई थी,झुन्झुलाई थी
~ साहिर लुधिआनवी साहेब
Glossary
तुफैल : by means of
अहद : promise
बा-इन-हाले-तबाह : तबाह होने पर भी
फूसंकर : magical
बेज़ार : angry
तकाज़े : demand,claim
मफहूम : meaning
ज़र्कार : golden
दरीचों : window
बुलंदी : height
अकदाम : foot steps
मकसूम : future
सरमाया-ओ-इफ़्लास : wealth and poverty
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2 comments:
oooohhh epic man!!! I read something in hindi after about 5 yrs ...last time was at skul :D ,...loved it
thanks fr liking it,but its urdu :)
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