"Go into yourself. Find out the reason that commands you to write; see whether it has spread its root into the very depths of your heart; confess to yourself whether you would have to die if you were forbidden to write." Rainier Maria Rilke, Letters to a Young Poet

Wednesday, April 11, 2012


Loneliness is vast and scary

इसी दोराहे पर 

अब ना इन ऊँचे मकानों में कदम रखूँगा 
मैने इक बार ये पहले भी कसम खायी थी 
अपनी नादार मोहब्बतों की शिकस्तो की तुफैल 
ज़िन्दगी पहले भी शरमाई थी, झुन्झुलाई थी

और ये अहद किया था बा-इन-हाले-तबाह
अब कभी प्यार भरे गीत नहीं गाऊंगा

फिर तेरे कांपते होठो की फुसंकर हस्सी
जाल बुनने लगी,बुनती ही रही 

तेरी चुप चाप निगाहों को सुलगता पाकर
मेरी बेज़ार तबियत को भी प्यार आ ही गया

अपनी बदली हुई नजरो के तकाज़े न छुपा
मैं इस अंदाज़ का मफहूम समझ सकता हु
तेरे ज़र्कार दरीचों की बुलंदी की कसम 
अपने अकदाम का मकसूम समझ सकता हु 

अब न इन ऊँचे मकानों में कदम रखूंगा
मैने इक बार ये पहले भी कसम खायी थी
इसी सरमाया-ओ-इफ़्लास के दुराहे पर
ज़िन्दगी पहले भी शरमाई थी,झुन्झुलाई थी


~ साहिर लुधिआनवी साहेब 

Glossary

तुफैल : by means of
अहद : promise
बा-इन-हाले-तबाह : तबाह होने पर भी
फूसंकर : magical
बेज़ार : angry
तकाज़े : demand,claim
मफहूम : meaning
ज़र्कार : golden
दरीचों : window
बुलंदी : height
अकदाम : foot steps
मकसूम : future
सरमाया-ओ-इफ़्लास : wealth and poverty





2 comments:

Of Prisms and Lives said...

oooohhh epic man!!! I read something in hindi after about 5 yrs ...last time was at skul :D ,...loved it

Dr Mandeep Khanuja said...

thanks fr liking it,but its urdu :)

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